Blind love emotions















❤प्रदीप खैरवार निर्देशित अंधा प्यार और लगाव की कहानी शायद ही कभी देखने को मिला है| शगुन पांडे और अलीशा अभिनीत इस कहानी में यह देखने को मिलता है की सच्चे प्यार की और वह कहावत जो हम देखते हैं अपनो को हमारी नज़रों से नहीं बल्कि जरिये हमारे दिल|अगर किसी की आँखें नहीं होती है कुछ कारण से फिर भी भगवान उन्हें दिल से सोचने की ताक़त देते हैं|नैना द्वारा इस कहानी में बताया गया हैं की कैसे कोई किसी को जान या समझ सकता है की कोई उसके लायक कैसे हैं|रोहन नैना का रोजाना अपने दोस्त के फूल के दुकान पर नैना का इंतज़ार करता था|और वह रोज उसी रास्ते से जाया करती और फिर उसके पीछे रोहन जाता तोह नैना कहती तुम आ गए|और फिर वह नैना के साथ चलने लगता है|फिर नैना रोहन से पुछती हैं तुम कुछ करते हो या बस ऐसी|रोहन कहता ओ हैलो में करता हूँ|नैना ने पूछा क्या रहा ने कहा में सिंगर हुँ|यह सुनकर नैना हसने लगी रोहन ने कहा तुम क्यों हस रहे हो|नैना ने कहा अच्छा फिर कोई गाना सुनाओ और वो कुछ ऐसी गाने लगा और नैना हसने लगी|फिर नैना ने कहा कोई सिंगर नही हो तुम बस ऐसी|रोहन ने कहा तुम गोलगप्पे खाओगे फ़िर नैना ने कहा मैं इस हालत में कैसे खा सकती हुँ|रोहन ने कहा में हु ना|रोहन और नैना गोलगप्पे खाने के लिए गये रोहन ने नैना को गोलगप्पे खिलाये और फिर नैना ने रोहन को अहसास करते हुए खिलाया|फिर नैना और वो दोनों चले गए वहा से|रोहन ने कहा नैना से तोह पकड़ लो मेरा हाथ नैना ने कहा 24 घंटे पकड़ के रखोगे रोहन 24 घंटे नहीं 24 जनम रखूँगा|नैना तुमसे कुछ पूछ रही हूँ बताओ रोहन कल बताऊंगा नैना क्यों कल कुछ स्पेशल है क्या ऐसा ही समझ लो में भी तुमसे कब्से पूछ रहा हूँ नैना मैं भी कल बताऊंगी|अगली सुबह फिर रोहन अपने दोस्त के साथ उसी के दुकान पे उसका इंतज़ार कर रहा होता है|और रोहन का दोस्त रोहन को कहता है की तुझे आज उसे कहना होगा ही|रोहन ठीक है भाई कोसिस करूँगा की तभी उसके सामने से नैना जा रही होती हैं और रोहन का दोस्त उसे गुलाब का फूल देने को कहता है जैसी रोहन अपने दोस्त को गले लगाकर जाता है वैसी सामने से कार वाले से टक्कर हो जाती हैं। और इसकी आवाज नैना को भी सुनाई देता हैं|फिर नैना कुछ दूर चली जाती है फिर रोहन आता हैं|फिर नैना कहती है तुम आ गए|नैना मुझे तुम थोड़ा थोड़ा दिख रहे हो|रोहन मजाक के लिए में ही मिला| नैना सच में नैना तुम्हारे सिर से खून निकल रहा है रोहन क्या खून वो ऐसी होगा कुछ रोहन ने कहा|बार बार नैना रोहन से कहती है मुझे तुम थोड़ा थोड़ा दिख रहे हो पर रोहन नही मानता उसकी बातो को|फिर नैना उसको अपने आँखों को खोने का कहानी बताती है|फिर रोहन पूछता है क्या तुम्हारी आँखें ठीक हो सकती है|नैना हा पर डॉक्टर 10 लाख की फीस बता रहे हैं|इतना पैसा कहा से आयेगा|रोहन में ठीक कराऊंगा मेरे एक अंकल है में उनसे बात करूँगा तुम्हे कल 10 बजे हॉस्पिटल दादी के साथ जरूर आना है| नैना मना करती है फिर फिर रोहन कहता है तुम्हे आना है|और रोहन वहा से चला जाता है|फिर वह देखता है उसका दोस्त उसको गोद में लेकर रो रहा होता है और वह मर चुका होता है|वह बहुत रोता और चिल्लाता है|और एम्बुलेंस के पीछे पीछे हॉस्पिटल पहुँच जाता है वह अपनी बॉडी में बार बार लेट कर देखता है की में जिंदा हो जाऊ पर नही होता फ़िर एक अंतिम बार बॉडी में लेट कर जोर से चिल्लाता है और वह कुछ समय के लिए डॉक्टर को अपनी आँखें देने को कहता हैं नैना को|अगली सुबह नैना अपनी दादी के साथ हॉस्पिटल में इंतज़ार कर रही होती है की कब रोहन आयेगा|फिर डॉक्टर नैना को बुलाते है और नैना का ओपरेशन हो जाता हैं| फिर डॉक्टर उन्हे धीरे धीरे आँखें खोलने को कहते है और नैना कहती है की में पहले रोहन को ही देखूंगी| मगर रोहन की जगह उसका दोस्त रहता है और नैना उसे छूने के बाद ही कहती है ये रोहन नही है फिर उसका दोस्त रोहन के बारे में बताता है फिर भी नैना को यकीन नही होता और वह डॉक्टर से पूछती है फिर डॉक्टर उसे सब बात बताते हैं|
इसे यह पता चलता की किसी के ना होने का दर्द क्या होता है|❤
 

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